" And The Story Begins... "
लॉन्ग डिस्टेंस के बाद फिरसे एहसास हो गया की ये
प्यार व्यार अपना काम है ही नहीं भाई थोडा पढ़ ले | और जब भी ये अहसास होता हैं तब
तब किसी नए इन्सान की एंट्री हो ही जातीं हैं | “ जब जब दिल तोड़ने वाले की exit होती
हैं तब दिल जोड़ ने वाले की entry होती थी “ हाला की
चाहे वो एक तरफा ही क्यूँ न हो लेकिन बहुत ही बेहिसाब होती हैं |
एसी ही एक और लड़की की entry हुई
मेरी जिन्दगी में जिसे देख ते ही पहली नजर में ही दिल में बस गयी | जो standard ९ में थी || और
फिर सूत्रों से उनका पता , नाम सब जान लिया !
जब पहली बार देखा तो स्कूल यूनिफार्म में सबसे सुंदर दिखने वाली
जिसके पीछे बहुत से लडके थे | सबसे अलग जुटे थे उसके जिसकी हील्स की वजह से थोड़ी
बहुत ऊँची लग रही थी | आंखे एसी की बस यही आँखों को तख्ते रहो रात -दिन || मैंने
उसकी वजह से उसके घर के आगे ही ट्यूशन लगवा दिए जिसके बहाने उसको देख पाऊं. लेकिन
कम्बक्त ये नसीब इतने ख़राब थे की जब भी उसको देखने जाऊ तो सासु माँ के दर्शन होते
थे , वो अपने पौधों को पानी पिलाने के लिए बहार आते थे और उस ही वक्त में वहां से
गुजरता था | उसके लिए सर से बहुत बार मार भी खाई थी में विंडो के पास ही बैठ ता था
, जिससे जब कभी वो आए तोह में उसे देख पाव और एक दिन इसी वजह से ही सर के हाथो से मार
खाई हे एक्स्ट्रा क्लास भी सबको जबरजस्ती मैंने भरवाई हैं ||
उसही के चककर में इतने सारे
दोस्त बनाए थे की जो उसही को देखते ही मुझे कॉल करके कहते थे “ भाभी यहाँ जा रही
हैं “ और इन कमीनो की भाभी पहले बन जाती हैं || दोस्त सबके कमीने होते थे लेकिन मेरे
कुछ खास ही कमीने थे जिनके लिए कोई भी गाली कम पड़ जाए | अब किसी ना किसी तरीके से
उसे से बात करनी थी और इसलिए उससे हर जगह search किआ और इसके लिए अपने दोस्तों की मदद
ली | और जेसे की बता या हे वैसे ही कमीने दोस्त की मदद लेना मतलब मुशीबत को अपने
घर का पता देना | हद तो तब तब हो गयी जहाँ सब उसे ढूंडने के लिए बहुत मेहनत कर रहे
थे की मेरे एक कमीने दोस्त ने उसका नाम tinder पर search किआ ||
और उसी के जेसी लड़की की फोटो दिखाई और बोला की अब इसमें तेरे
वाली को ढूंड .... उस दिन उसको इतना मारा की तबसे उसने tinder use करना छोड़ दिया |
इतनी सीधी सी दिखने वाली लड़की वहां कैसे हो सकती हैं , उस दिन
जितने उसको ढूंड ने के लिए मेहनत की थी उतनी सायद पढाई में की होती तोह आज हम कही
और होते |
और आखिर में मेहनत रंग ला ही गयी उसको तो नहीं ढूंड सके लेकिन
उसके किसी अपने को ढूंड लिया जहाँ उसकी तस्वीर मिल गयीं और वो तस्वीर आज भी मेरे
फ़ोन में सेव है अब वहां से कुछ और भी बहुत
कुछ मिल गया की वोह कहा की हैं वैसा बहुत कुछ स्कूल में तोह कही बात करना मुमकिन
नहीं था क्यूंकि हमारे प्रिन्सिपाल इतने
कठोर थे जेसी की गुरुकुल चला रहे हो अगर किसी दिन पकड़े भी गये तो सीदा स्कूल से
बहार और मार खाना अलग से बस इसी वजह से कभी हिम्मत न हुई की सामने जा कर उसे अपने
दिल की बात बता सके कहना था उसे की,
“ जानने वाले बहुत मिलेगे इस जहाँ में,
अगर तुम ‘ समझ ’ सको तो,
बात आगे बढ़ाए !! “
अब इसी जान ने के चककर में कहीं हम स्कूल से बहार न हो जाए तोह
इसे कुछ और दिन के लिए एकतरफा बनाए रखा | अब
दुसरे तरीके से बात बनाते हैं तोह दूसरी कोसिस यही थी उसकी दोस्त को अपनी बनाए तोह
अपन फिरसे चलने लगे बहुत करीब ही थे उसी की दोस्त से दोस्ती करने में की उसकी
दोस्त का कोई आशिक हमारे पीछे पड़ गया अब बहुत कोसिस करके उसे मनाए की “ भाई अपने
उतने भूरे दिन थोड़ी न है की तेरी वाली के पीछे अपनी जिन्दगी बर्बाद कर दे “ और उसे
ये भी कहा की देख भाई इसकी वजह से तेरी वाली से दोस्ती करना चाहते थे अब तू देख
अगर कुछ हो सकता है तोह “
कोई भी चीज़ बाकी नहीं रखी उसे अपना बनाने की | और तह भी किआ था
की चाहे कुछ भी हो जाए इसे दोस्त ही सही क्यूँ न बना ने पड़े लेकिन इससे दोस्ती
करनी हैं |
एक दिन हमारे स्पोर्ट्स के क्लास चल रही थी और उसही वक्त वोह liabrary में जा रही थी सब
उसको देख कर मुझे एसे आवाज लगाने लगे मानो वो मुझे सामने से बात करने आने वाली हो ||
मेरे दोस्त ने कहा की “ भाई जा और कह दे फिर दूसरा मौका मिले या ना मिले “ लेकिन
टीचर छुट्टी देने वाली नहीं आज तोह क्या करेंगे ..? फिर उसने टीचर को कहा की “
विवान के पैर में मोच आइ हैं वो आराम करे थोड़ी देर ..? “ और टीचर ने छुट्टी दी
थोड़ी देर के लिए , फिर सीधा वहां गया ||
लेकिन कभी भी नसीब काम नहीं आते वहां भी टीचर बैठे थे | तोह
वहां भी बात नहीं हो पाई सबको लगा की मैंने कर दिया अपना काम लेकिन जब उदास मुह ले
कर गया तब सबको पता चला की अभी भी नहीं हुआ कुछ भी .....
लेकिन अभी भी हार नहीं मानी थी क्यूंकि कुछ न कुछ कर ही देंगे
स्कूल खत्म होते होते |
एसे एसे ही स्कूल के exams आ गये और पेपर का समय भी ऐसा था की
चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते लेकिन फिर एक बार समय मिला उससे बात करने का पी.टी के
ओरल्स थे तोह दोस्त ने कहाँ की अगर तू १५ मिनिट में खत्म कर सके तोह उसकी ब्रेक
होती हैं तोह तू बात कर पायेगा ..!! अब इन सारे चककर में कुछ नहीं पढ़ा था तोह माता
रानी के नाम ले कर जल्दी जल्दी पेपर पूरा करके मेम को दे दिया ||
मेरे साथ मेरे दोस्तों ने भी पेपर दे दिया यही देखने के लिए की
इसकी दाल गलती है की नहीं जल्दी जल्दी निच्चे चला गया और उसे ढूढने लगा उसके
क्लासरूम से ले कर स्कूल के मैदान तक लेकिन कहीं नजर ना आए क्यूंकि वोह घर जा चुकी
थी ||
अब सिर्फ एक लास्ट चांस बचा था उससे बात करने का सारी उम्मीदे
और दिल टूट सा गया था फिर एक दिन १५ अगस्त
के दिन स्कूल में वो दिखी और अब उसको देख कर किसी भी किम्मत पे उससे बात करनी थी
तोह सब दोस्तों से बात करके सब सही कर लिया था || सारे दोस्तों से कह दिया की अगर
कोई आए तोह संभाल लेना आज या फिर हम “ आभाद होंगे या फिर इससे आजाद “
वो सामने से आ रही थी और इधर में तैयार ही था बस hy!! कहने ही जा रहा था की पीछे से एक
दोस्त ने आ कर “ happy independence day “ बोल दिया और
वो लड़की हस कर चली गयीं साला इतना गुस्सा आया न उस दिन उस दोस्त पर की सब सही था
तोह ये कहा से आ गया ...!!
और हालत और दोस्त की वजह से उससे बात न हो पाई .... और उसके बाद
न वो दिखी न मैंने उससे देखना चाहा बाद में उसके बारे में पता भी चला की “ she is datting with someone ../वहाँ से बस फिरसे
खत्म हुई कहानी ...!!!
“ एक था राजा ,
एक थी रानी,
दोस्त के बिचमें आने से,
खत्म कहानी... ❤ “
To be continued...
Super Love story bhai
ReplyDeleteSuperb 👌👌👌
ReplyDeleteJordar
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